4 फ़रवरी 2017 - 15:46
दूसरों पर चिल्लाने वाला अमेरिका हथियारों की दौड़ में सबसे आगे।

सरे देशों को हथियारों की दौड़ से दूर रहने की नसीहत करने वाला अमेरिका खुद साढ़े 8 अरब डॉलर के लड़ाकू विमान ले रहा है।

अबनाः दूसरे देशों को हथियारों की दौड़ से दूर रहने की नसीहत करने वाला अमेरिका खुद साढ़े 8 अरब डॉलर के लड़ाकू विमान ले रहा है।
पाकिस्तान और भारत को हथियारों की दौड़ में शामिल न होने की ताकीद करने वाले परमाणु अनुभवों पर उत्तर कोरिया को आए दिन धमकी देने वाले बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने पर ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिका ने साढ़े 8 अरब डॉलर के लड़ाकू विमान लेने की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने विमान निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन निगम से साढ़े आठ अरब डॉलर मूल्य के रडार पर दिखाई न देने वाले 90 एफ -35 लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा की है। गौरतलब है कि विमानों को उनकी मूल कीमत से 7 .3 प्रतिशत कम कीमत पर खरीदा जा रहा है।
इस तरह 90 विमानों के सौदे में पेंटागन को 72 करोड़ 80 लाख डॉलर की बचत होगी, जानकारी के अनुसार अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन और विमान निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन निगम ने शुक्रवार को एक समझौते की घोषणा की जिसके तहत पेंटागन साढ़े आठ अरब डॉलर में 90 अत्याधुनिक एफ -35 विमान खरीदेगा।
घोषणा में कहा गया है कि यह पेंटागन की ओर से अब तक किये जाने वाला न्यूनतम मूल्य का अनुबंध है, इस समझौते में विमानों को उनकी मूल कीमत से 7.3 प्रतिशत कम पर खरीदा जा रहा है।
लॉकहीड मार्टिन ने अपने बयान में कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एफ -35 विमानों के कार्यक्रम में तेजी लाने और लागत घटाने में व्यक्तिगत रूप से रुचि ली है। लॉकहीड और उसकी भागीदार कंपनियों अमेरिकी सेना और 10 सहयोगियों के लिए एफ 35 विमान बना रही है। एफ 35 उड़ान के लिए बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है। वह खड़ी लैंड करने की क्षमता भी रखता है और नौसेना बलों के उपयोग के लिए भी उपयुक्त है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी रक्षामंत्रालय आने वाले दशकों में अपनी वायु सेना के लिए 391 अरब डॉलर के आधुनिक लड़ाकू विमान खरीदने का इरादा रखता है।